History of Bihar in Hindi l बिहार का इतिहास

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बिहार का तथ्य, एवं इतिहास


बिहार (Bihar) भारत के सबसे पुराने राज्यों में से एक है। बिहार वो राज्य है जिसे प्राचीन काल में मगध के नाम से जाना जाता था और इसकी राजधानी पटना को पाटलिपुत्र के नाम से। बिहार का इतिहास उतना ही पुराना है जितना भारत। बिहार नाम का प्रादुर्भाव संभवत: बौद्ध विहारों के विहार शब्द से हुआ है जिसे विहार के स्थान पर इसके विकृत रूप बिहार से संबोधित किया जाता है। यहां मौर्य, गुप्त आदि राजवंशो ने, मुगल शासकों ने राज किया।

History of Bihar in Hindi l बिहार का इतिहास
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बिहार की जानकारी एक नजर में


बिहार (Bihar) की स्थापना 22 मार्च, 1912 को बंगाल से विभाजन के बाद हुआ।

यहाँ की राजधानी पटना (Patna) तथा बिहार (Bihar) का सबसे बड़ा शहर भी पटना ही है।

बिहार (Bihar) में विधानसभा की 243 राज्यसभा की 16 तथा लोकसभा की 40 सीटें है।

बिहार (Bihar) की राजधानी पटना का ऐतिहासिक नाम पाटलिपुत्र है।

बिहार (Bihar) 38 जिले है तथा यहाँ का क्षेत्रफल 94,163 वर्ग किमी है।

यहाँ की जनसंख्या लगभग 10,38,04,637 हैं बिहार में लगभग 5,41,85,347 पुरुष तथा लगभग 4,96,19,290 महिलाएं है।



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बिहार (Bihar) में हिन्दू 83.2 % हैं तथा मुस्लिम 16.5 % है।

यहाँ की मुख्य भाषा हिंदी, उर्दू , मैथिली, भोजपुरी, मागधी, अंगिका आदि हैं।

क्षेत्रफल में यह देश का 12 वा तथा जनसंख्या में तीसरा सबसे बड़ा राज्य है।

बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थल महात्मा गाँधी सेतु, महाबोधि मंदिर, नालन्दा विश्वविद्यालय, विष्णुपाद मंदिर, बोधगया मंदिर अदि हैं।

बिहार की सीमाएं पूर्व में पश्चिम बंगाल पशिचम में उत्तर प्रदेश दक्षिण में झारखण्ड और उत्तर में नेपाल से जुड़ीं है।

बिहार के प्रमुख पर्वों में छठ, होली, दिवाली, दशहरा, महाशिवरात्रि, नागपंचमी, श्री पंचमी, मुहर्रम, ईद तथा क्रिसमस हैं।

2600 साल पहले बिहार को सबसे ज्यादा शांतिप्रिय यानी अहिंसा प्रिय भूमि कहा जाता था। बोधगया और पावापुरी में लोग शांति प्राप्त करने के लिये आते थे और आज भी आते हैं।

प्राचीन काल में मगध का साम्राज्य देश के सबसे शक्तिशाली साम्राज्यों में से एक था।

यहाँ से मौर्य वंश, गुप्त वंश तथा अन्य कई राजवंशों ने देश के अधिकतर हिस्सों पर राज किया।

छठी और पांचवीं सदी ईसापूरफफड़्व में यहां बौद्ध तथा जैन धर्मों का उद्भव हुआ। बाद में बौद्ध धर्म चीन तथा उसके रास्ते जापान तक पहुंच गया।

बारहवीं सदी में बख्तियार खिलजी ने बिहार पर अपना आधिपत्य जमा लिया।

जब शेरशाह सूरी ने, सोलहवीं सदी में दिल्ली के मुगल बाहशाह हुमायूँ को हराकर दिल्ली की सत्ता पर कब्जा किया तब बिहार का नाम पुनः प्रकाश में आया पर यह अधिक दिनों तक नहीं रह सका।



पुरातन काल में बिहार देश की व्यापारिक राजधानी हुआ करती थी। तब देश का 40 फीसदी व्यापार सिर्फ मगध, वैशाली, मिथ‍िला, विदेहा, अंग, साक्य प्रदेश, विज्जी, जनका से हुआ करता था।

अकबर ने बिहार पर कब्जा करके बिहार का बंगाल में विलय कर दिया। इसके बाद बिहार की सत्ता की बागडोर बंगाल के नवाबों के हाथ में चली गई। बिहार का अतीत गौरवशाली रहा है।

पुरातन काल में संस्कृति और सत्ता के बारे में अध्ययन करने के लिये दुनिया भर से लोग यहां आया करते थे।

1912 में बंगाल का विभाजन के फलस्वरूप बिहार नाम का राज्य अस्तित्व में आया।

1936 में उड़ीसा इससे अलग कर दिया गया। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान बिहार के चंपारण के विद्रोह को, अंग्रेजों के खिलाफ बग़ावत फैलाने में अग्रगण्य घटनाओं में से एक गिना जाता है।

स्वतंत्रता के बाद बिहार का एक और विभाजन हुआ और सन् 2000 में झारखंड राज्य इससे अलग कर दिया गया।

भौगोलिक तौर पर बिहार को तीन प्राकृतिक विभागो मे बाँटा जाता है- उत्तर का पर्वतीय एवं तराई भाग, मध्य का विशाल मैदान तथा दक्षिण का पहाड़ी किनारा।

राज्‍य के मुख्‍य उद्योग हैं – मुंगेर में सिगरेट कारखाना आई टी सी ॰मुंगेर में आई टी सी के अनय उतपाद अगरबती माचिस एम तथा चावल ऑटा आदि का निरमाण ॰मुंगेर में बंदुक फैकटरी मुंगेर के जमालपुर में रेल कारखाना ॰एशिया परसिध रेल करेन कारखाना जमालपुर भागलपुर में शिलक उधोग

भारत के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद का जन्म बिहार में ही हुआ था

बिहार में स्थित नालंदा विश्वविद्यालय दुनिया का सबसे पुराना विश्वविद्यालय है।

बिहार वो पवित्र भूमि हैं जहां माँ सीता की जन्म भूमि हैं, वो गौतम बुद्ध की तपोभूमि है।

बिहार वो जगह हैं जहां गंगा, बागमती, कोषी, कमला, गंडक, घाघरा, सोन, पुनपुन, फल्गु, किऊल नदियाँ बहती हैं।
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